भारतीय ध्वज का अनादर कर रही हैं महबूबा मुफ्ती – अनुच्छेद 370 बहाल नहीं होगा – रविशंकर प्रसाद

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नई दिल्ली

भाजपा ने पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती पर भारतीय ध्वज का ‘‘अनादर’’ करने का आरोप लगाते हुए शनिवार को इस बात पर जोर दिया कि अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान संवैधानिक तरीके से समाप्त किये गए थे और इसे बहाल नहीं किया जाएगा.

भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि महबूबा मुफ्ती की यह टिप्पणी राष्ट्रीय ध्वज की शुचिता का ‘‘घोर अपमान’’ है कि जब तक कश्मीर का ध्वज बहाल नहीं हो जाता, तब तक वह तिरंगा नहीं उठाएंगी. जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को कहा था कि उन्हें तब तक चुनाव लड़ने या राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा उठाने में कोई दिलचस्पी नहीं है जब तक पिछले साल पांच अगस्त को लागू किए गए संवैधानिक बदलाव वापस नहीं लिये जाते.

उन्होंने कहा था कि वह तिरंगे को तभी उठाएंगी जब तत्कालीन राज्य के अलग ध्वज को बहाल कर दिया जाएगा. प्रसाद ने इस बात पर जोर दिया कि अनुच्छेद 370 पूर्ववर्ती राज्य को एक विशेष दर्जा प्रदान करता था और इसे पिछले वर्ष समाप्त कर दिया गया था. उन्होंने कहा कि इसे अब बहाल नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इसे एक उचित संवैधानिक प्रक्रिया के तहत समाप्त किया गया और संसद के दोनों सदनों ने इसे अच्छी संख्या बल से मंजूरी दी थी.

कानून मंत्री ने कहा कि इसे समाप्त करना देश के प्रति हमारी प्रतिबद्धता थी और लोगों ने इसकी प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि मुफ्ती ने कई तरीकों से उस भारत की छवि का घोर अनादर किया है जिसका प्रतिनिधित्व तिरंगा करता है. मंत्री ने अन्य विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा और कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज के प्रति गंभीर अनादर दिखाने वाली , महबूबा की टिप्पणी पर चुप्पी साध रखी है जबकि वे ‘‘मामूली मुद्दों’’ पर भी भाजपा की आलोचना करते हैं.

प्रसाद ने कहा, ‘‘यह पाखंड और दोहरा मापदंड है.’’ उन्होंने दावा किया कि अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान समाप्त किये जाने से केंद्र शासित प्रदेश में विकास को बढ़ावा मिला है और समाज के कमजोर वर्ग जैसे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और महिलाओं को वही अधिकार प्राप्त हो रहे हैं जो उन्हें देश के बाकी हिस्सों में मिलते हैं. कानून मंत्री ने कहा कि जम्मू कश्मीर में लोगों ने खुशी-खुशी स्थानीय चुनावों में हिस्सा लिया. उन्होंने कहा, ‘‘कुछ लोगों और परिवारों को दिक्कतें होंगी जो बिना किसी जवाबदेही के शासन करते थे.’’

‘गुपकर गैंग’ की साजिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा :जम्मू कश्मीर भाजपा प्रमुख
जम्मू कश्मीर भाजपा प्रमुख रंिवदर रैना ने शनिवार को कहा कि ‘गुपकर गैंग’ की साजिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और देश की एकता एवं अखंडता को चुनौती देने वाले किसी भी व्यक्ति के लिये जेल में जगह होगी. उन्होंने दिवाली और स्वतंत्रता दिवस समारोह की तरह ही 26 अक्टूबर को ‘विलय दिवस’ के रूप में मनाने की भी घोषणा की, ताकि यह स्पष्ट संदेश दिया जा सके कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है.

रैना ने नेशनल कांफ्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) का जिक्र करते हुए दावा किया कि जब वे सत्ता में थे तो भारत की सराहना करते थे, लेकिन जब वे सत्ता से बाहर हैं तो उन्हें पाकिस्तान और चीन की याद आ रही है. भाजपा नेता ने आरोप लगाया, ‘‘उन्हें भारत विरोधी एजेंडा आगे नहीं बढ़ाने दिया जाएगा. उन्हें कोशिश कर लेने दीजिए, गुपकर गैंग छह दलों से बढ़ कर 600 तक पहुंच रहा है लेकिन हम उनके सपनों को पूरा नहीं होने देंगे. वे सत्ता के भूखे लोग हैं और जम्मू कश्मीर की जनता उन्हें बखूबी जानती है.

महबूबा राष्ट्रीय ध्वज को लेकर भड़काऊ और गैर जिम्मेदाराना टिप्पणी से बचे : जम्मू-कश्मीर कांग्रेस
कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई ने शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से कहा कि वह राष्ट्रीय ध्वज को लेकर भड़काऊ और गैर जिम्मेदाराना बयान देने से बचें. इसके साथ ही पार्टी इकाई ने पीडीपी प्रमुख की तिरंगे को लेकर दिए गए बयान की कड़ी ंिनदा की.

तिरंगे को लेकर महबूबा मुफ्ती द्वार दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस समिति (जेकेपीसीसी) के मुख्य प्रवक्ता रंिवद्र शर्मा ने कहा कि यह बहुत ही भड़काऊ और गैर जिम्मेदाराना बयान है और उन्होंने लोगों की देशभक्ति की भावना को आहत किया है.

उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह के बयान किसी भी समाज में बर्दाश्त योग्य नहीं है और अस्वीकार्य हैं.’’ शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज देश के सम्मान और गौरव का प्रतीक है और लोगों को याद दिलाता है कि देश की स्वतंत्रता प्राप्त करने और देश के सम्मान और क्षेत्रीय अखंडता के लिए करोड़ों भारतीयों ने कुर्बानी दी है.

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘ उन्हें इस तरह के भड़काऊ बयान देकर प्रत्येक भारतीय की भावनाओं को आहत करने से बचना चाहिए.’’ उल्लेखनीय है कि 14 महीने की हिरासत से रिहा होने के बाद पहली बार मीडिया से संवाद करते हुए महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को कहा था कि वह तिरंगा तभी उठाएंगी जब जम्मू-कश्मीर के भूतपूर्व झंडे को बहाल कर दिया जाता है.

उन्होंने कहा, ‘‘ जहां तक मेरी बात है, तो चुनाव में मेरी रुचि नहीं है. मैं आपको स्पष्ट कर दूं कि जिस संविधान के तहत मैं चुनाव लड़ती थी उसे जबतक वापस नहीं कर दिया जाता तब तक मेरा चुनाव से कोई लेना देना नहीं है.’’ विरोध प्रकट करने के लिए प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पीडीपी अध्यक्ष के टेबल पर राज्य के पूर्व झंडे को पार्टी के झंडे के साथ प्रमुखता से रखा गया था.