सावधानी और सही खानपान से कम हो सकती है रीढ़ की हड्डी की समस्याएं- एम्स

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वर्ल्ड  स्पाइन डे पर आयोजित क्विज में एम्स की टीम ने बाजी मारी, पुरस्कृत

 रायपुर

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, रायपुर के चिकित्सकों ने रीढ़ की हड्डी की बढ़ती समस्या को देखते हुए सभी से दैनिक दिनचर्या में कुछ सावधानियां बरतने और खानपान का उचित ध्यान रखने का आह्वान किया है। इसके साथ ही कंप्यूटर स्क्रिन के लेवल को सही रखने और वजन उठाते समय पूरा झुककर वजन उठाने की सलाह दी गई है।  

 दिनचर्या में सावधानी और सही खानपान से कम हो सकती है रीढ़ की हड्डी की समस्याएं- एम्स

  वर्ल्ड  स्पाइन डे पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए निदेशक प्रो. (डॉ.) नितिन एम. नागरकर ने कहा कि जीवन शैली में बदलाव से प्रत्येक घर में अब रीढ़ की हड्डी से संबंधित परेशानियां होने लगी हैं। युवा अब अधिक से अधिक स्क्रिन का प्रयोग कर रहे हैं इसका भी दुष्प्रभाव रीढ़ की हड्डी पर पड़ता है। उन्होंने इस संबंध में निरतंतर जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। एम्स के हड्डी रोग विभागाध्यक्ष प्रो. आलोक अग्रवाल का कहना था  कि दैनिक दिनचर्या में रोजाना काफी देर बैठना पड़ता है। यदि बैठने का तरीका सही न हो तो इसका दुष्प्रभाव रीढ़ की हड्डी पर पड़ता है। रोजाना व्यायाम करने से पहले भी वार्म अप एक्सरसाइज जरूर करनी चाहिए। जो युवा कंप्यूटर का अधिक प्रयोग करते हैं वे आंखों के साथ स्क्रिन के लेवल का ध्यान भी जरूर रखें। इसी प्रकार वजन उठाने के लिए आधा झुकने की बजाय धीरे से बैठकर सामान उठाने से रीढ़ की हड्डी पर इसका दुष्प्रभाव नहीं पड़ेगा।

उन्होंने खाने में संतुलित भोजन लेने पर भी जोर दिया। वित्त सलाहकार बी.के. अग्रवाल ने इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों को निरंतर आयोजित करने के लिए कहा। इस अवसर पर आयोजित क्विज प्रतियोगिता में स्पाइन और विभिन्न ऑपरेशन प्रोसिजर के बारे में चिकित्सा छात्रों से पूछा गया। इसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई टीमों के 32 प्रतिभागियों ने भाग लिया। एम्स की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया जिन्हें ट्राफी देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रो. पी.के. नीमा भी उपस्थित थे।