कमार ग्राम छिन्दौला में ठंड के दिनों में ग्रामीणों को पेयजल समस्या से जूझना पड रहा…

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गांव में 06 हेडपम्प लेकिन लाल आयरन युक्त पानी निकलने के कारण हो रही है परेशानी

शेख हसन

मैनपुर

आजादी के सात दशक बाद ग्राम छिन्दौला तक प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजना के तहत पक्की सडक और करोडो की लागत से पुल का निर्माण पुरा किया जा चुका है यहा के ग्रामीण पुल पुलिया और सडक की मांग को लेकर लम्बे समय से आवेदन के साथ संघर्ष कर रहे थे और जिला प्रशासन गरियाबंद के विशेष प्रयास से मुख्यमार्ग नेशनल हाईवे दबनई से छिन्दौला तक लगभग 8 किलोमीटर प्रधानमंत्री ग्राम सडक योजना के तहत 361.47 लाख रूपये की लागत से पक्की सडक का निर्माण के साथ पुल का निर्माण कार्य किया जा चुका है जिससे यहा के ग्रामीणो में खुशी देखने को मिल रही है \

यह गांव छिन्दौला, खोलापारा के विशेष जनजाति कमार आदिवासी पेयजल और बिजली जैसे मूलभूत समस्यांे से जुझ रहे है ऐसा नही गांव मे हेडपम्प न हो इन गांवो में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा बकायदा हेडपम्प लगाया गया है लेकिन उन हेडपम्पो से निकलने वाले पानी आयरन युक्त लाल रंग का होने के कारण इस पानी का उपयोग ग्रामीण नही कर पा रहे है दुषित पानी हेडपम्पो से निकलने के कारण इन ग्रामो में कभी भी लगातार इस पानी के सेवन से गंभीर समस्याए उत्पन्न हो सकती है या गंभीर बिमारियो का लोग शिकार हो सकते है कई बार दुषित जल हेडपम्पो से निकलने की जानकारी ग्रामीणो द्वारा विभाग के अधिकारियो को दिया जा चुका है लेकिन हेडपम्पो से निकलने वाले पानी को फिलटर करने वाला मशीन अब तक नही लगाया गया है मजबुरन कई ग्रामीण दुषित जल का उपयोग कर रहे है

कई ग्रामीण झरिया का गंदा पानी पीने मजबुर हो रहे है यहा के ग्रामीण लखमुराम, दशरथ कमार, जगदेव कमार, लक्ष्मीबाई, लछन्तीनबाई, सुमित्राबाई, देवकी ने बताया कि ग्राम छिंदौला मूलभूत बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है इस ग्राम में विशेष पिछड़ी कमार जनजाति के लोग निवास करते है गांव की जनसंख्या लगभग 300 के आसपास है और अधिकांश कमार परिवार के लोग आज भी बांस के बर्तन अपने पुस्तैनी व्यवसाय से जीविका उपार्जन करते है बाकी समय में जंगल से मिलने वाले वनोपज लाख,महुआ,साल बीज,टोरी संग्रहण करते है। मैनपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत दबनई के आश्रित ग्राम छिन्दौला के ग्रामीणों को राशन खरीदने सरकारी सोसायटी फरसरा यहां से 8 कि.मी. दूर जाना पड़ता है तब कही जा कर उन्हे राशन नसीब हो पाती है ग्रामीणो ने बताया उन्हे अब सडक और पुल पुलिया बन जाने से राशन लाने में दिक्कतो का सामना नही करना पडेगा ,आज से दस वर्ष पहले शासन द्वारा यहां के ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देशय से यहां लाखो रूपये की लगात से उपस्वास्थ्य केन्द्र भवन का निर्माण किया गया है लेकिन यह उपस्वास्थ्य केन्द्र मे हमेशा ताला लटका रहता है जिसके चलते ग्रामीणो को समय पर लाभ नही मिल पाता।


आयरन युक्त लाल पानी निकलने के कारण झरिया का पानी पीने मजबूर
ग्राम छिन्दौला में कहने को तो आठ से 06 हेडपम्प है लेकिन 04 हेडपम्पों से लाल आयरन युक्त पानी निकलने के कारण इसका खाना बनाने में उपयोग नही हो पाता और मजबूरन ग्रामीणों को कुआं तथा नदी का पानी पीना पडता है यह समस्या वर्षो से बनी हुई है यहा सौर उर्जा से संचालित होने वाले नल जल योजना से शुध्द पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने पूर्व में प्रस्ताव व प्रपोजल बनाकर शासन स्तर पर भेजा था लेकिन अब तक स्वीकृत नही होने से लोगो की परेशानी कम नही हो पाई है गर्मी के दिनों मे तो यहा के लोगो को गंभीर पेयजल समस्या से हर वर्ष जूझना पडता है।


नही है बिजली लालटेन युग मे जीते है
इस ग्राम के लोग बिजली की मांग को लेकर फरियाद लगाते थक चुके है अब तक गंाव में बिजली नही पहुची है जब कि ग्राम फरसरा तक बिजली लग चुका है बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार फारेस्ट एरिया होने के कारण बिजली लगाने में दिक्कत आ रही है सर्वे तो कई बार किया जा चुका है जिसके चलते गांव के लोगो को लालटेन युग में जीना पड रहा है वैसे गांव में सौर उर्जा लगाया गया है लेकिन इसकी स्थिति बेहद खराब हो गई है।


क्या कहते है ग्राम पंचायत के सचिव
ग्राम पंचायत दबनई के सचिव भुवन वर्मा ने बताया कि ग्राम छिन्दौला में हेडपम्पो से आयरन युक्त लाल पानी निकलता है जिसके कारण ग्रामीणेां को भारी दिक्कतो का सामना करना पड रहा है सौर उर्जा से संचालित होने वाले नल जल येाजना प्रारंभ करवाने के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा जा चुका है बिजली के लिए भी प्रस्ताव भेजा जा चुका है ।
भुवन वर्मा सचिव ग्राम पंचायत दबनई