शकुंतला साहू एवं परमेश्वर यदु के लिए गौरीशंकर को ढहाना आसान नहीं ?

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दिनेश मिश्रा दवारा

कसडोल

कसडोल विधानसभा क्षेत्र में पिछले 5 साल में हुए ऐतिहासिक विकास कार्यों की बदौलत गौरी -शंकर अग्रवाल को क्षेत्रवासियों से मिल रहे जन समर्थन को देखते हुए कांग्रेस के अनुभवहीन एवं संसाधनों से जूझ रहे शकुंतला साहू एवं जनता कांग्रेस जोगी के प्रत्याशी परमेश्वर यदु के लिए गौरीशंकर अग्रवाल का किला ढहाना आसान नहीं होगा ।इस बार कसडोल विधानसभा का चुनाव त्रिकोणीय एवं दिलचस्प हो गया है।

छत्तीसगढ़ के जिन विधानसभा क्षेत्रों पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई है उनमें से एक कसडोल विधानसभा क्षेत्र है क्योंकि यहाँ से सत्ताधारी दल भाजपा की ओर से वर्तमान विधायक एवं छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल पुन: चुनाव मैदान में है ।पिछले बार के चुनाव में कसडोल विधानसभा क्षेत्र से भारी वोटों के अंतर से चुनाव जीतने वाले गौरीशंकर अग्रवाल को भाजपा ने पुरस्कृत करते हुए विधानसभा अध्यक्ष पद से नवाजा ।उनके विधानसभा अध्यक्ष बनते ही क्षेत्र के लोगों को प्रारंभ में ऐसा लगने लगा था कि कसडोल विधानसभा क्षेत्र से सत्तापक्ष का विधायक होते हुए पर्याप्त विकास नहीं हो पाएगा क्योंकि संवैधानिक पद पर होने के कारण वे क्षेत्र विशेष की मुद्दा नहीं उठा पाएंगे , लेकिन लोगों की सारी आशंकाओं को ध्वस्त करते हुए सभी विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर पेयजल ,सड़क ,शिक्षा ,स्वास्थ्य ,बिजली ,सिंचाई स्त्रोत आदि सभी के संबंध में कार्ययोजना तैयार करवाकर शासन से बजट स्वीकृति दिलाई और विकास की दौड़ में काफी पिछड़ चुके कसडोल क्षेत्र का द्रुतगति से विकास हुआ ।

पिछले 5 साल के दौरान क्षेत्र में हुए अभूतपूर्व विकास को देखते हुए इस बार के चुनाव में क्षेत्रवासियों का भरपूर समर्थन भी मिल रहा है ।राज्य भाजपा के कुशल चुनावी रणनीतिकार माने जाने वाले गौरीशंकर अग्रवाल के विरूद्ध कांग्रेस पार्टी द्वारा दिग्गज दावेदारों को छोड़कर अनुभवहीन शकुंतला साहू को चुनाव मैदान में उतारा गया है ।कांग्रेसजनों का मानना है कि युवाओं ,महिलाओं तथा पिछड़े वर्ग के लोगों का युवा प्रत्याशी शकुंतला साहू को भरपूर समर्थन मिलेगा लेकिन चुनावी संसाधनों से जूझ रहे कांग्रेस प्रत्याशी मात्र एक सप्ताह में क्षेत्र के कितने गांव के लोगों से सम्पर्क साध पाएंगी यह उनके सामने एक बहुत बड़ी चुनौती है ।आज के परिवेश में चुनाव में सभी तरह के संसाधनों की आवश्यकता होती है

रणभूमि में कुशल सेनापति की आवश्यकता होती है जो कि कांग्रेसी खेमें नजर नहीं आ रहा है ।जनता कांग्रेस जोगी एवं बसपा के बीच गठबन्धन के बाद भी दोनों ही दलों के प्रत्याशी चुनाव मैदान में है बसपा के रामेश्वर कैवर्त्य तो जनता कांग्रेस जोगी से परमेश्वर यदु चुनाव मैदान में है ।बसपा प्रत्याशी बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम धनसीर निवासी हैं तथा कसडोल क्षेत्र के लोगों के बीच अनजाना चेहरा है ,जबकि परमेश्वर यदु 3 बार जिला पंचायत उपाध्यक्ष रह चुके हैं तथा क्षेत्र के गाँव गाँव खासे लोकप्रिय भी हैं।बसपा के अधिकांश कार्यकर्त्ता परमेश्वर यदु के पक्ष में जिसके चलते बसपा प्रत्याशी का पक्ष कमजोर नजर आ रहा है

साथ ही बसपा की ओर से सही तरीके से चुनाव प्रचार प्रसार भी नहीं चल रहा है।हालांकि बसपा का पारंपरिक वोट पार्टी प्रत्याशी को मिलने की संभावना जताई जा रही है लेकिन कार्यकर्त्ताओं द्वारा अपने ही प्रत्याशी का खुला विरोध किए जाने से पहले यहाँ पर जो मुकाबला जो चतुष्कोणीय नजर आ रहा था वह अब त्रिकोणीय नजर आ रहा है ।हालांकि कांग्रेस प्रत्याशी को युवाओं एवं महिलाओं के वोट अधिक मिलने का भरोसा है तो परमेश्वर यदु को सभी तबके के लोगों का वोट मिलने की उम्मीद है फिर भी संसाधनों से परिपूर्ण एवं कार्यकर्ताओं की भारी भरकम फौज वाले गौरीशंकर अग्रवाल का किला ढहाना कांग्रेस एवं जनता कांग्रेस जोगी के प्रत्याशी के लिए आसान नहीं होगा ।कुल मिलाकर अभी यही कहा जा सकता है कसडोल विधानसभा क्षेत्र का चुनाव इस बार त्रिकोणीय एवं दिलचस्प नजर आ रहा है।